विपणन प्रबन्ध

सम्बन्धात्मक विपणन | हरित विपणन | Relationship Marketing in Hindi | Green Marketing in Hindi

सम्बन्धात्मक विपणन | हरित विपणन | Relationship Marketing in Hindi | Green Marketing in Hindi

सम्बन्धात्मक विपणन

(Relationship Marketing)

“विपणन संचार सम्मिश्रण के संघटक तत्वों में वैयक्तिक विक्रय, विज्ञापन, विक्रय संवर्द्धन तथा जन सम्बन्धों के साथ-साथ ‘सम्बन्ध विपणन’ को भी सम्मिलित करने का उपयुक्त समय आ गया है। कारण कि अब केवल उत्पाद विकास मूल्य-निर्धारण और ग्राहकों तक उत्पाद सुपुर्दगी से काम चलने वाला नहीं है। प्रतिस्पर्द्धा तीव्र होती जा रही है। ब्राण्ड संघर्ष भी बढ़ता जा  रहा है। नित नये उत्पाद प्रस्तुत हो रहे हैं और पुराने ब्राण्ड लुप्त होते जा रहे हैं। उत्पादों का जीवन चक्र भी छोटा होता जा रहा है। उपभोक्ता अधिक भिज्ञ, सक्रिय एवं सुशिक्षित हो गये हैं, तथा ग्राहक परिदृश्य को पूरी तरह बदल चुके हैं। इसलिए आधुनिक विपणनकर्ता प्राहकों का विश्वास एवं हृदय जीतने की दिशा में चिन्तनरत हैं। ‘सम्बन्ध विपणन’ इसी नूतन चिन्तन का परिणाम है।

‘सम्बन्ध विपणन’ आजीवन ग्राहक विकास की तकनीक है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों के साथ सुदृढ़ दीर्घजीवी तथा लाभदायक सम्बन्ध स्थापित करना है ताकि ग्राहक उत्पाद के साथ अपने पहचान व सम्बन्ध बना लें और उनकी निष्ठा एवं लगाव न केवल बारम्बार पुनर्क्रय की उन्हें प्रेरणा दे, बल्कि वे अन्य ग्राहकों को भी क्रयण हेतु प्रोत्साहित कर सकें। इस तकनीक का सार एवं मर्म इन धारणाओं में निहित है कि “संतुष्ट ग्राहक विज्ञापन का सर्वोत्तम स्रोत है तथा 10 वर्षों में वह 100 ग्राहक लाता है।” वस्तुतः उत्पादों एवं सेवाओं के प्रति ग्राहकों की निष्ठा और कम्पनी के लाभों के बीच उच्चस्तरीय सह-सम्बन्ध होता है, जिसका फायदा विपणनकर्त्ताओं को उठाना चाहिए।

‘सम्बन्ध विपणन’ तकनीक का प्रयोग करते समय विपणनकर्ताओं को चाहिए कि वे ग्राहक-प्रसन्नता, ग्राहक-स्पष्टीकरण, ग्राहक-प्रोत्साहन और ग्राहक सम्प्रभुता जैसे सिद्धान्तों को अपनाते हुए ग्राहकों के साथ निरन्तर सम्पर्क साधे रहे और सम्पर्कों को प्रगाढ़ बनाने हेतु सम्बन्धों का वैयक्तिकरण करने का प्रयत्न करते रहें। सम्बन्धों का वैयक्तीकरण करने हेतु उन्हें चाहिए कि वे धन्यवाद कार्ड, विशिष्ट अवसर कार्ड तथा विशेष छूट कार्ड भिजवाते रहें, क्लब विपणन अथवा बलब सदस्यता कार्यक्रम हाथ में लें, विशिष्ट अवसरों पर ग्राहकों को कम्पनी में आमन्त्रित करें, ग्राहकों की शिक्षण-प्रशिक्षण सुविधायें प्रदान करें, ग्राहकों की प्राथमिकतायें, इच्छायें, सुझाव, अपेक्षित अथवा अनुमानित क्रय- विवरण तथा उनके वैयक्तिक जीवन-समंक एकत्रित करें, फाइल करें और जरूरतों पर उनको उपलब्ध करायें, तथा चिकित्सा, पर्यटन, यात्रा, प्रवास, मनोरंजन और वक्त जरूरत धनराशि व्यवस्था जैसे कार्य करें। इन कार्यों से ग्राहक कम्पनी तथा उसके उत्पादकों के साथ सदैव के लिए जुड़ जाते हैं, विपणन लागतें न्यूनतम होने लगती हैं, ग्राहक सन्तुष्टीकरण का स्तर ऊंचा होने लगता है, ब्राण्ड शेयर बढ़ता है, विज्ञापन प्रतिस्पर्द्धात्मक बनता है, और उत्पाद जीवन चक्र भी अपेक्षाकृत दीर्घ हो जाता है। इस दिशा में हुआ शोध कार्य बतलाता है कि 71% भारतीय विपणनकर्त्ता मानते हैं कि सम्बन्ध विपणन से ग्राहकों को अन्य उत्पादों की तरफ जाने से काफी हद तक रोका जा सकता है। केवल 29% विपणनकर्त्ता ही यह मानते हैं कि सम्बन्ध विपणन कुछ हद तक ही ग्राहकों को कम्पनी ब्राण्ड के साथ बाँधे रख सकता है। विपणनकर्ता को चाहिए कि वे एक पृथक प्रकोष्ठ सम्बन्ध विपणन के लिए स्थापित करें, विपणन संचार तथा अन्तर्वैयक्तिक सम्बन्धों में दक्ष विपणन प्रबन्धकों की नियुक्तियाँ करें, एकीकृत विपणन प्रणाली को अपनायें और विक्रय-शक्ति के लिए अतिरिक्त पारिश्रमिक एवं प्रेरणात्मक प्रणाली अपनायें। इसके साथ ही विपणनकर्ताओं को चाहिए कि वे ई-कॉमर्स के साथ इस तकनीक को लागू करने के उपायों पर भी विचार करें।

हरित विपणन क्या है?

हरित विपणन

(Green Marketing)

विश्व में पिछले तीन दशकों से एक बात मुख्य रूप से ध्यान आकर्षित करती है कि वातावरण को शुद्ध रखा जाए। इसके लिए लोगों में प्रदूषण से होने वाली हानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यह कार्य आसान नहीं है, लेकिन फिर भी अब आम जनता की समझ में आने लगा है कि प्रदूषण से बचा जाए। प्रदूषण कई प्रकार का होता है जैसे वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, वातावरण प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण आदि।

अमेरिका में उपभोक्ता ब्राण्ड के प्रति वफादारी को परिवर्तित कर रहे हैं। वे उन ‘संस्थाओं की वस्तुएँ खरीदने में अधिक दिलचस्पी रखते हैं जो वातावरण को शुद्ध बनाए रखने में अपना योगदान देती हैं। इसके लिए वे वस्तु का अधिक मूल्य देने को भी तैयार रहते हैं। इस प्रकार की उपभोक्ता मनोवृत्ति ने विपणन में एक जान फूंक दी है, जिसे हम हरित विपणन कहते हैं। इसमें कम्पनियाँ ऐसी वस्तुओं को बनाती व बेचती हैं जो वातावरण की दृष्टि से न्यायोचित हों।

हरित विपणन के लिए उत्पादकों को कूड़ा-करकट प्रबन्धन को भी अपनाना होगा- (1) इसके लिए उन्हें कूड़ा-करकट को कम करना (Reducing) होगा। (2) पुनः काम में लाना (Re-using) होगा, व (3) पुनः चक्रण (Re-cycling) करना होगा।

होटल विपणन के सेवा क्षेत्र में आती है। आजकल अमेरिका में ऐसे यात्री अधिक हैं जो वातावरण मित्रवत होटल में ठहरना चाहते हैं और उसके लिए वे अधिक मूल्य देने के लिए भी तैयार हैं। यहाँ वातावरण मित्रवत होटल से अर्थ ऐसे होटलों से है जहाँ परदे व अन्य कपड़े विषायुक्त रंग में नहीं रंगे गए हैं। होटल का फर्नीचर लकड़ी का है तथा सभी दीवारों पर लगे कागज आदि रसायन मुक्त हैं तथा खिड़की इस प्रकार की है कि सभी कमरों में हर समय ताजी हवा आती रहती है। इस प्रकार यह हरित विपणन का एक अच्छा उदाहरण है।

आजकल सभी प्रदूषण रोकथाम लाभकारी हैं को उचित मानते हैं। मैक्डोनल्ड कम्पनी खाने-पीने की वस्तुएं बेचने के लिए प्रसिद्ध है। इसे कोकाकोला भारी मात्रा में खरीदनी पड़ती थी जो इसे प्लास्टिक के थैलों में पैक होकर कागज के डिब्बों में रखकर मिलती थी, लेकिन अब यह ट्रक टैंकर में आती है जो सीधे ही मैक्डोनल्ड के भण्डार टंकी में भर जाती है। इससे कम्पनी की पैकेजिंग लागत बहुत कम हो गई तथा मैकडोनल्ड में बरबादी भी कम हो गई क्योंकि प्लास्टिक के थैलों में कुछ-न-कुछ चाशनी चिपकी रह जाती थी। साथ ही प्लास्टिक के थैलों व गत्ते के डिब्बों को फेंकने की समस्या थी जिससे प्रदूषणथैलों व गत्ते के डिब्बों क हरित विपणन का एक अच्छा उदाहरण है।

भारत में भी इस ओर ध्यान गया है। प्रदूषण को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उद्योगों को खतरनाक रसायन फैलाने से रोका जा रहा है। अब वे उसको नदियों व नालियों में नहीं वहा सकते हैं।

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Pankaja Singh

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