पाठ योजना

ग्रह पाठ योजना |  ग्रह लेसन प्लान | planetary lesson plan in Hindi

ग्रह पाठ योजना |  ग्रह लेसन प्लान | planetary lesson plan in Hindi

ग्रह पाठ योजना

विद्यालय का नाम अ – ब – स विद्यालय

दिनांक 00/00/0000

कक्षा 6

विषय भूगोल

प्रकरण ग्रह (सौरमंडल)

अवधि 30 मिनट 

सामान्य उद्देश्य

  • छात्रों में भूगोल के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  • छात्रों को विश्व के विभिन्न देशों के भौगोलिक एवं सामाजिक पर्यावरण को समझने योग्य बनाना।
  • छात्रों में प्राथमिक स्तर पर प्राप्त ज्ञान को सुव्यवस्थित करना।
  • छात्रों में भौगोलिक नागरिकता के गुणों का विकास करना।
  • छात्रों में भारत की प्राकृतिक परिस्थितियों का ज्ञान कराना।

विशिष्ट उद्देश्य

  • छात्र-छात्राएं सौरमंडल को प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं ग्रहों को प्रत्यभिज्ञान कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं ग्रहों के क्रमों की व्याख्या कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं ग्रहों के महत्व का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं ग्रह तथा उपग्रह में भेद कर सकेंगे।

पूर्व ज्ञान

विद्यार्थी सौरमंडल के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

प्रस्तावना के प्रश्न

छात्र अध्यापिका क्रिया

विद्यार्थी अनुक्रिया

सूर्य, धूमकेतु, छुद्र ग्रह से सब किस का हिस्सा है?

सौरमंडल का

सौरमंडल का मुखिया किसे कहते हैं?

सूर्य

सूर्य की परिक्रमा कौन करता है?

ग्रह

उद्देश्य कथन

आज हम लोग ग्रह के विषय में और अध्ययन करेंगे।

प्रस्तुतीकरण ( शिक्षण बिंदु, छात्र अध्यापिका क्रिया, विद्यार्थी अनुक्रिया)

गृह एवं उपग्रह

हमारे सौरमंडल में 8 ग्रह हैं। सूर्य से दूरी के अनुसार वे हैं- बुद्ध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, सनी, अरुण, वरुण। सौर मंडल के सभी आठ ग्रह एक निश्चित पद पर सूर्य का चक्कर लगाते हैं यह रास्ते दीर्घ वृत्ताकार में फैले हुए है ये कक्षा कहलाते हैं।

उपग्रह-एक खगोलीय पिंड हैं, जो ग्रहों के चारों और उसी प्रकार चक्कर लगाता है, जिस प्रकार ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाता है।

मानव निर्मित उपग्रह-एक कृत्रिम पिंड है। यह वैज्ञानिकों के द्वारा बनाया गया है,जिसका उपयोग ब्रह्मांड के बारे में जानकारी प्राप्त करने एवं पृथ्वी पर संचार माध्यम के लिए किया जाता है। इसे राकेट द्वारा अंतरिक्ष में भेजा जाता है एवं पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया जाता है।

ग्रहों की विशेषताएं

बुद्ध-यह सूर्य का सबसे नजदीकी ग्रह है,यह सबसे छोटा ग्रह है। जिसके पास कोई उपग्रह नहीं है। यह सूर्य की परिक्रमा सबसे कम समय में पूरा करता है।

शुक्र-पृथ्वी का निकटतम ग्रह है।

सबसे चमकीला तथा गर्म ग्रह है। जिससे इसे पृथ्वी पर से शाम या भोर में तारे के रूप में देख सकते हैं। इसे पृथ्वी का भगिनी ग्रह भी कहते हैं। क्योंकि यह घनत्व, आकार एवं व्यास में पृथ्वी के समान है।

पृथ्वी-सौरमंडल का एकमात्र ग्रह है जिस पर जीवन है। यह आकार में पांचवा सबसे बड़ा ग्रह है। जल की उपस्थिति के कारण इसे नीला ग्रह भी कहते हैं। पृथ्वी का एकमात्र  उपग्रह चंद्रमा है।

मंगल-इसे लाल ग्रह कहा जाता है, इसका रंग लाल, आयरन ऑक्साइड के कारण है। यह पृथ्वी से आकृति में छोटा ग्रह है। इसके 2 उपग्रह हैं।

बृहस्पति-यह सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। बाह्य ग्रहों में यह सबसे पहला ग्रह है।

शनियह दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। इसकी विशेषता है इसके तल के चारों ओर वलय का होना। वलयों की संख्या 7 हैं।

अरुण-यह तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है। यह दक्षिणावर्त परिक्रमा करता है। यह अपनी धुरी पर सूर्य की ओर इतना झुका है कि इसे लेटा ग्रह कहा जाता है।

वरुण-यह सूर्य से अधिकतम दूरी पर स्थित है तथा इसे हरे रंग का ग्रह कहते हैं। यह चौथा सबसे बड़ा ग्रह है।

श्यामपट्ट सारांश

  • हमारे सौरमंडल में 8 ग्रह हैं-बुद्ध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, वृहस्पति,शनि, अरुण, वरुण
  • सूर्य का सबसे नजदीकी ग्रह बुध है।
  • पृथ्वी को नीला ग्रह भी कहा जाता है
  • सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति है।
  • शुक्र और वरुण सूर्य की परिक्रमा दक्षिणावर्त करते हैं।

निरीक्षण कार्य

छात्र अध्यापिका छात्रों सेश्यामपट्ट पर लिखी सामग्री को अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखने का निर्देश देगी और निरीक्षण करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।

मूल्यांकन के प्रश्न

  1. सौरमंडल किसे कहते हैं?
  2. सौर मंडल मैं स्थित ग्रहों की संख्या बताइए?
  3. क्रमानुसार ग्रहों के नाम बताएं?
  4. शुक्र ग्रह की कोई दो विशेषता बताएं?
  5. ग्राम तथा उपग्रहों में क्या अंतर है बताएं?

गृह कार्य

वृहस्पति तथा अरुण ग्रह की विशेषताएं लिखकर लाएं।

पाठ योजनामहत्वपूर्ण लिंक

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Pankaja Singh

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