शिक्षाशास्त्र

शिक्षण विधि व प्रविधि में अन्तर | शिक्षण विधि का अर्थ | प्रविधि का अर्थ

शिक्षण विधि व प्रविधि में अन्तर | शिक्षण विधि का अर्थ | प्रविधि का अर्थ | Difference between teaching method and technique in Hindi | Meaning of teaching method in Hindi | meaning of technique in Hindi

प्रस्तावना

शिक्षक शिक्षण प्रक्रिया में उद्देश्य एवं पाठ्यक्रम निर्धारित करने के पश्चात  उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए शिक्षण पद्धति का अनुकरण करता है। इस प्रकार शिक्षण विधि का आशय इस तथ्य से लगाया जाता है कि किसी विषय के ज्ञान को छात्रों तक किस प्रकार पहुंचाया जाय जिससे वे निर्धारित उद्देश्य की प्राप्ति कर सकें। किसी विषय के शिक्षण में विधि का वही महत्व है जो किसी निर्दिष्ट स्थान तक पहुँचने के लिए सही मार्ग का होता है।

शिक्षण विधि व प्रविधि में अन्तर

इन दोनों के अन्तर को जानने के लिए शिक्षण-विधि तथा प्रविधि के अर्थ को जानना आवश्यक है। इनके अर्थ को अलग-अलग नीचे स्पष्ट किया जा रहा है–

शिक्षण विधि का अर्थ-

इसके अर्थ को स्पष्ट करने के लिए आगे कुछ परिभाषाएं दी जा रही हैं-

  1. जॉन ड्यूवी- “विधि एक निष्कर्ष के विकास करने या निकालने में सामग्री को संगठित करने का एक ढंग है।”

“Method is a way of managing material to develop a conclusion.” – Dewey.

  1. थट व गरबेरिच – “विधि प्रक्रियाओं को वह सुपरिभाषित संरचना है जिसमें परिस्थितियों की मांगों के अनुसार विभिन्न प्रविधियाँ तथा युक्तियाँ निहित होती हैं।”

“A Method is a well-defined pattern of procedures within which a variety of techniques and devices may appear as circumstances may require.” — Thut & Gerberich,

  1. वेस्ले (Wesley) – “शिक्षा में शिक्षण विधि’ नामक शब्द शिक्षक द्वारा पथ-प्रदर्शित को हुई उन प्रक्रियाओं को एक माना है जो छात्रों के द्वारा सीखने में परिणत होती है।”

उपर्युक्त परिभाषाओं से स्पष्ट है कि शिक्षण विधि एक व्यापक शब्द है जिसमें विभिन्न प्रक्रियाएं या युक्तियाँ या प्रविधियाँ निहित हैं। एक विधि को प्रयोग में लाते समय एक या एक से अधिक प्रविधियों काम में लायी जा सकती है। वस्तुतः प्रविधियाँ विशेष ज्ञानावसर के साधन है जिनके द्वारा ज्ञान प्राप्ति या सीखने में सहायत मिलती है। अतः शिक्षण विधि कार्य की बढ़ सामान्य योजना है जिसका निर्धारण किसी विशेष शैक्षिक उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस प्रकार शिक्षण- विधि शिक्षा के उद्देश्यों से सम्बन्धित है। दूसरे शब्दों में शिक्षण विधि वह मार्ग है जिसके द्वारा शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कार्य सम्पन्न किया जाता है।

प्रविधि का अर्थ –

शिक्षा में ‘विधि’ के साथ कुछ ऐसे पद भी प्रयुक्त किये जाते हैं जो ‘शिक्षक क्या करता है’ की ओर संकेत देते हैं, उदाहरणार्थ-व्याख्यान विधि, प्रदर्शन विधि, प्रश्न-विधि आदि। इनमें बताना या कहना, दिखाना, प्रश्न करना आदि विधियों न होकर बुक्तियां या प्रविधियों हैं। इन प्रक्रियाओं या प्रविधियों के द्वारा शिक्षक छात्रों को सीखने की प्रक्रिया को अग्रसर करता है अतः इनको शिक्षण विधियाँ न मानकर शिक्षण प्रविधियां या युक्तियाँ माना जाता है।

शिक्षण विधि तथा प्रविधि का अन्तर निम्न तालिका द्वारा स्पष्ट किया जा रहा है-

विधि

प्रविधि

1. विधि की एक सामान्य संरचना होती है।

1. प्रविधि की सामान्य संरचना विधि की संरचना पर निर्भर है।

2. विधि अधिक व्यापक है।

2. प्रविधि एक सीमित साधन है।

3. विधि का अपना स्वतन्त्र अस्तित्व होता है।

3. प्रविधि का स्वतन्त्र अस्तित्व नही होता वरन् वह विधि पर निर्भर होती है।

4. विधि शैक्षिक उद्देश्यों से सम्बन्धित होती है।

4. प्रविधि शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए विधि के अन्तर्गत एक साधन के रूप में कार्य करती है।

शिक्षण विधि और प्रविधि के अन्तर को देखने के उपरान्त यह प्रश्न उठता है कि इतिहास-शिक्षण के लिए उपयुक्त पद्धति का चयन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? इसके उत्तर में निम्नलिखित बातों को प्रस्तुत किया जा सकता है :-

(1) इतिहास-शिक्षण के उद्देश्यों, आदर्शों एवं महत्वों की प्राप्ति में शिक्षण- पद्धति कहाँ तक सहायक है ?

(2) वैयक्तिक विभिषताओं के हेतु स्थान ।

(3) सह-सम्बन्ध के लिए स्थान |

(4) पद्धति के संचालन के हेतु उपयुक्त सामग्री की उपलब्धि ।

(5) शिक्षक की शिक्षण विधि का संचालन करने की योग्यता ।

(6) करके सीखने के लिए उपयुक्त अवसर प्राप्त हो सकते हैं या नहीं।

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Pankaja Singh

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