मानव संसाधन प्रबंधन

क्षतिपूर्ति पैकेज से आशय | Meaning of Compensation Package in Hindi

क्षतिपूर्ति पैकेज से आशय | Meaning of Compensation Package in Hindi

क्षतिपूर्ति पैकेज से आशय

(Meaning of Compensation Package)

क्षतिपूर्ति पैकेज (Compensation Package) एक व्यापक शब्द है। क्षतिपूर्ति कर्मचारियों द्वारा संगठन को दिये गये योगदान के प्रत्यय (Return) के रूप में है। “Compensation is what employees receive in exchange for their contribution to the organisation.”

कर्मचारियों की क्षतिपूर्ति को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है –

(A) आधार क्षतिपूर्ति (Base Compensation) – इसके अन्तर्गत, मूल वेतन तथा वित्तीय सुविधाएँ शामिल की जाती हैं।

(B) पूरक क्षतिपूर्ति (Supplement Compensation)- इसके अन्तर्गत अन्य प्रकार की सुविधाएँ व लाभ जो कर्मचारियों को पूरे संगठनात्मक जीवन काल में तथा उसके बाद भी मिलती रहती हैं।

कम्पनियों की वेतन संरचना (Pay structure) कई घटकों पर निर्भर करती है। जैसे- मजदूरी, समझौता, श्रम बाजार की स्थिति, कम्पनियों की प्रकृति एवं भुगतान क्षमता, कम्पनियों की आकृति आदि। बहुदेशीय कम्पनियाँ (MNC) भी अपने कर्मचारियों के क्षतिपूर्ति के निर्धारण के लिए उस देश की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर मौद्रिक तथा अमौद्रिक लाभ का निर्धारण करती हैं। भारत में वेतन संरचना या वेतन अवयव में निम्नलिखित अवयव (Components) शामिल किये जाते हैं

(A) आधार क्षतिपूर्ति (Base Components)

आधार क्षतिपूर्ति में निम्नलिखित अवयव शामिल किये जाते हैं-

  1. आधार वेतन या मूल वेतन (Base Salary) – मूल वेतन प्रदान की गई सेवा का मूल्य है। यह पे-पैकेज (Pay Package) की नींव है। यह कर्मचारी की भौतिक (Physical) तथा मानसिक (Mental) आवश्यकताओं पर अन्तर करती है। कार्य मूल्यांकन (Job Evaluation) के आधार पर इसका निर्धारण किया जाता है। भारत में मूल वेतन न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, वेतन समझौता (Wage Settlements) मजदूरी एवार्ड, मजदूरी बोर्ड, ट्रिब्यूनल या वेतन कमीशन (Pay Commissions) आदि द्वारा प्रभावित व निर्धारित होता है। बहुदेशीय कम्पनियों में अन्तर्राष्ट्रीय क्षतिपूर्ति पद्धति के द्वारा इसका निर्धारण होता है। MNC, TNC या घरेलू कम्पनियों के मूल वेतन के नियोक्ता का आधार भिन्न-भिन्न हो सकता है।
  2. महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) – महंगाई भत्ता (DA), वास्तविक मजदूरी (Real wage) को सुरक्षित करने के लिये मुद्रा स्फीति (Inflation) से कर्मचारियों को सुरक्षित करने के लिये दिया जाता है। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम (Minimum Wages Act) की धारा 3 में जीवन लागत भत्ता (Cost of Living Allowances) की चर्चा की गई है। महंगाई भत्ता भारत में आज वेतन व मजदूरी पद्धति का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। महंगाई भत्ता के निर्धारण में एवं संगणन में निम्नलिखित विधियों का प्रयोग किया जाता है।

(क) समान दर (Flat Rate) – इसके अन्तर्गत सभी श्रेणी के श्रमिकों को समान दर से महंगाई भत्ता दिया जाता है। चाहे उसकी मजदूरी का स्तर जो भी हो।

(ख) ग्रेजुएटेड स्केल (Graduated Scale)- इस पद्धति के अन्तर्गत प्रत्येक वेतन के स्लेब (स्तर) पर महंगाई भत्ता की बढ़ी हुई दरें दी जाती हैं अर्थात् इसमें मूल वेतन के आधार पर महंगाई भत्ता का प्रतिशत दर दिया जाता है।

(ग) सूचकांक आधारित महंगाई भत्ता (Index Based D.A.) – इसमें सूचकांक के आधार पर महंगाई भत्ता का निर्धारण किया जाता है। उपभोक्ता वस्तुओं के आधार पर अर्थात् सम्पूर्ण भारत उपभोक्ता सूचकांक (All India Consumer Price Index) जिसे AICPI भी कहा जाता है उसके बढ़ते हुए बिन्दुओं के आधार पर महंगाई भत्ता का निर्धारण सभी कर्मचारियों के लिए समान दर से किया जाता है।

  1. मकान भत्ता (House Rent Allowance) – मकान भत्ता विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों को विभिन्न शहरों के वर्गीकरण के आधार पर दिया जाता है। यह निम्न श्रेणी AI, A2, B1, B2 त्था C या ग्रुप A, B, C, D, के कर्मचारियों के लिए मूल वेतन के आधार पर प्रतिशत में दिया जाता है यह विभिन्न शहरों के श्रेणी के आधार पर 15 से 35 प्रतिशत तक देय होता है।
  2. शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता (City Compensatory Allowances)- विभिन्न शहरों के वर्गीकरण के आधार पर शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता (CCA) भी देय होता है।

(ख) पूरक क्षतिपूर्ति (Supplement Compensation):

इसके अन्तर्गत कर्मचारियों को मिलने वाले कर्मचारी लाभ (Employees Benefits) शामिल किये जाते हैं। कर्मचारी लाभ को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है।

(1) परम्परागत लाभ (Traditional Benefits)

(2) अपरम्परागत लाभ (Non-Traditional Benefit)

परम्परागत लाभ (Traditional Benefits) :

परम्परागत लाभ को भी दो वर्गों में विभाजित किया जा सकता है:

(i) जो काननू के द्वारा देय है।

(ii) जो गुणात्मक वयोग्य कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए तथा उत्पादकता को बढ़ाने के लिए संगठन द्वारा स्वेच्छा से भुगतान किये जाते हैं। कानूनी प्रावधानों के तहत मिलने वाली सुविधाएँ व लाभ सभी कर्मचारियों को दी जाती है। जैसे बीमा, चिकित्सा, मातृत्व हित लाभ, सामाजिक सुरक्षा, भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के लाभ आदि जो केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार के अधिनियमों के तहत प्रदान किये जाते है। परम्परागत लाभों के अन्तर्गत निम्नलिखित को शामिल किया जा सकता है :

(a) स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) – कर्मचारियों में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण संगठन में स्वास्थ्य मुद्दे काफी महत्वपूर्ण हो चुका है। तकनीकी एवं ज्ञान की अर्थव्यवस्था में White Collars कर्मचारियों को दिमागी संघर्ष (Mental Stress) से गुजरना पड़ रहा है। कर्मचारियों को कई प्रकार की बीमारियाँ, स्वास्थ्य से सम्बन्धित समस्याएं उत्पन्न हो रही है। स्वास्थ्य बीमा के तहत कर्मचारियों व उनके परिवारों के लिए ग्रुप बीमा (Group Insurances) तथा अस्पताल की सुविधा तथा उनके इलाज पर किये गये सारे व्यय का वहन कम्पनियाँ करती है।

(b) जीवन बीमा तथा सेवानिवृत्ति (Life Insurance and Retirement) – जीवन बीमा तथा सेवानिवृत्ति लाभ कर्मचारियों को संगठन में बने रहने के लिये प्रोत्साहित करता है। कर्मचारियों को इन सब प्रकार का लाभ मिलने सये संगठन के प्रति उनकी वफादारी (बढ़ती है। जीवन बीमा तथा स्वास्थ्य बीमा के अन्तर्गत अग्रलिखित बीमा योजनाएँ शामिल की जा सकती हैं –

  1. चिकित्सा वीमा (Medical Insurance)
  2. जीवन बीमा (Life Insurance)
  3. दाँत का बीमा (Dental Insurance)
  4. आँख का बीमा (Optical Insurance)
  5. दुर्घटना मृत्यु बीमा (Accidental Death Insurance)
  6. अपंगता बीमा (disability Insurance)
  7. व्यावसायिक भ्रमण बीमा (Business travel Insurance)

सेवानिवृत्ति लाभ के अन्तर्गत निम्नलिखित लाभ को शामिल किया जाता है:

  1. ग्रेच्युटी लाभ (Gratuity Benefits)
  2. पेंशन लाभ (Pension Benefits)
  3. सामाजिक सुरक्षा उपाय (Social Security Measure)

(3) छुट्टियाँ (Leaves) – छुट्टियों की सुविधा तथा छुट्टियों का लाभ संगठन के कर्मचारियों को प्रभावित करते हैं। विभिन्न संगठनों में विभिन्न प्रकार की छुट्टियाँ दी जाती हैं जो निम्न प्रकार हैं-

  1. वार्षिक छुट्टी (Annual Leave)
  2. आकस्मिक छुट्टी (Casual Leave)
  3. चिकित्सा छुट्टी (Medical Leave)
  4. राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय अवकाश (National & State Holiday)
  5. बीमारी लाभ (Sick Leave)
  6. व्यक्तिगत छुट्टी (Personal Leave ) –
  7. अपातकालीन छुट्टी (Emergency Leaves)
  8. अनुकम्पा/संवेदना छुष्टियाँ (Compassionate Leave) मृत्यु या पारिवारिक बीमारी
  9. धार्मिक रीति रिवाज/प्रथा (Religious Observance)
  10. सामुदायिक सेवा (Community Service) – चुनाव, कोर्ट में गवाह, अग्नि सेवा विभाग में मोलेन्टियर आदि।
  11. शिक्षा/प्रशिक्षण छुट्टी (Education and Training Leave)
  12. बिना वेतन की छुट्टी (Leave Without Pay)
  13. अनुपस्थिति के लिये छुट्टी (Leave of Absence)
  14. मातृत्व छुट्टी (Maternity Leave)
  15. पितृत्व छुट्टी (Parental Leave)

गैर-परम्परागत लाभ (Non-Traditional Benefits)

गैर-परम्परागत लाभ वे हैं जो संगठन द्वारा परम्परागत लाभ के अतिरिक्त प्रदान किये जाते हैं। ये लाभ उतने ही मूल्यवान तथा महत्वपूर्ण होते हैं जैसे कर्मचारी सहायता कार्यक्रम (Employee Assistance Programme), फ्लैक्सी टाइम (Flexi Time), डे केयर आदि हैं। इसके अन्तर्गत वित्तीय लाभ के अतिरिक्त कई प्रकार के अनुलाभ (Prequisites) शामिल किये जाते हैं। ये सभी कर्मचारियों के मनोबल तथा उत्प्रेरण को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

(1) कर्मचारी सहायक कार्यक्रम (Employce Assitance Programme) – कई नियोक्ताओं द्वारा कर्मचारी सहायता कार्यक्रम चलाये जाते हैं जिससे कर्मचारियों को लाभ मिलता है। इस कार्यक्रम में सुविधाएँ व सलाह भी दिये जाते हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बुरे व्यसनों से कर्मचारियों को बचाना, सुनिश्चित कार्य दशाएँ प्रदान करना, जन्मदिन आदि पर बधाई देना और उसे मनाना, उनके परिवार के लिए, बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान करना आदि शामिल किये जाते हैं।

(2) कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (Employees Stock Option Plans) – कर्मचारी शेयर (Stock) विकल्प योजना कम्पनी के शेयर (Stock Holdings) को चयन करने उसे खरीदने या उपहार के तार पर शेयर प्रदान करना आदि शामिल है। योजनाओं के तहत अपने कर्मचारियों को बाजार मूल्य के बदले लागत मूल्य पर शेयर जारी करना तथा उसे कम्पनी का मालिकाना हक प्रदान करना आदि शामिल है।

(3) लचीला समय (Flexi Time) – कार्य के समय कर्मचारियों को लचीला समय प्रदान करना या उन्हें उनकी सुविधा के अनुकूल कार्य समय चुनने का अवसर प्रदान करना या घर पर रहकर कार्य करने का अवसर प्रदान करना, सुविधानुसार साप्ताहिक छुट्टी का चयन करना आदि कई विकल्प शामिल किये जाते हैं। इन दिनों Flexi Time का प्रचलन काफी बढ़ गया है। क्योंकि इससे कर्मचारी अपने सन्तुलन को बनाये रखने में सक्षम हो जाता है।

(4) गोल्डन हैण्ड शेक (Golden Hand Shake) – आज के वैश्विक वातावरण में कर्मचारी तथा संगठन दोनों काफी गतिशील हो गये हैं। गोल्डन हैण्ड शेक एक प्रकार का रोजगार अनुबन्ध है जिसमें किसी भी कर्मचारी की छंटनी, कार्य छोड़ने या सेवानिवृत्ति आदि के समय एक अच्छी खासी रकम (Amount) या नकद लाभ देकर कम्पनियों से हाथ मिलाकर विदा किया जाता है ताकि उसे अन्य संगठनों में काम ढूंढ़ने या सेवानिवृत्ति जीवन बिताने में विशेष कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। प्रायः गोल्डन हैण्ड शेक बड़ी-बड़ी कम्पनियों द्वारा ऊँचे पदाधिकारियों या कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है। अमेरिका भी F. Ross Johanson कम्पनी ने सबसे अधिक गोल्डन हैण्ड शेक राशि 53,800,000 डॉलर प्रदान की जो विश्व में एक रिकॉर्ड है।

(5) अधिसमय लाभ (Overtime) – ओवरटाइम की सुविधा सामान्य कार्य समय के अतिरिक्त कार्य करने पर दिया जाता है। सामान्य कार्य समय का निर्धारण समझौता द्वारा या कानूनी प्रावधानों के साथ मिल जाता है। यदि कर्मचारी सामान्य समय के अतिरिक्त कार्य करता है तो उसे अतिरिक्त कार्य समय के उच्च दरों पर अधिसमय लाभ की सुविधा प्रदान की जाती है। सार्वजनिक कम्पनियों में, सरकारी क्षेत्र में इसका दुरुपयोग किया जाने के कारण इसे समाप्त कर दिया गया है। किन्तु निगम क्षेत्रों में उत्पादक उत्पादकता के बढ़ाने के लिए आज भी इसका उपयोग किया जा रहा है।

(6) लचीलापन लाभ (Flexible Benefits) – लचीलापन लाभ के अन्तर्गत कई प्रकार के लाभ कर्मचारियों को प्रदान किये जाते हैं। आज कर्मचारियों को कार्य जोड़ने के लिए कई प्रकार के कूपन या लाभ पैकेज (Benefits Package) दिये जाते है। आज कर्मचारियों को उपहार गृह लाभ (Cefeteria Benefits), कर सक्षमता लाभ (Tax Efficient Benefits), मोबाइल फोन, पेंशन योगदान व लाभ आदि प्रदान किये जा रहे हैं। कर सक्षमता लाभ के अन्तर्गत कम्पनियाँ ही कर्मचारियों के सम्पूर्ण कर दायित्वों का भुगतान का जिम्मा ले लेती है। इसी प्रकार पेंशन योगदान के अन्तर्गत पेंशन योगदान (Pension Contribution) कम्पनी द्वारा ही प्रदान कर दिये जाते हैं।

(7) दिन सतर्कता (Day Care) – आज कम्पनियों में कई जोड़ियाँ (Couples) भी साथ-साथ कार्य करने लगी हैं या महिलाओं का नियोजन भी अधिक हो रहा है। इन जोड़ियों के बच्चे या महिलाओं के बच्चों के लिए कार्य के समय रख-रखाव की व्यवस्था कम्पनियाँ ‘Day’ Care’ तथा ‘Creches’ के द्वारा करती हैं ताकि समय-समय इसके माता-पिता उसकी देखभाल कर लें तथा किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न होने पर या आपातकालीन स्थिति में बच्चों के इलाज की पूर्ण व्यवस्था हो सके।

(8) ट्यूशन क्षतिपूर्ति (Tuition Reimbursement)- कर्मचारी के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में देय ट्यूशन फी (Tuition Fee) की प्रतिपूर्ति कम्पनियों द्वारा की जाती है। ताकि कर्मचारियों के बच्चे अच्छे स्कूलों तथा कॉलेजों में पढ़ सके और अपना भविष्य संवार सकें। कई कम्पनियाँ कर्मचारियों के मेधावी बच्चों के लिये छात्रवृत्ति आदि भी प्रदान करती हैं।

(9) संगठनों की सदस्यता (Membership in Organisation) – कई कम्पनियाँ विभिन्न संगठनों, क्लबों आदि की सदस्यता ग्रहण करने के लिये प्रोत्साहित करती हैं तथा उसका व्यय वह खुद वहन करती है। इससे कम्पनी के प्रति वफादारी में वृद्धि होती है।

(10) अनुलाभ (Perquisites) – उपरोक्त सुविधाओं एवं लाभों के अलावा कम्पनियाँ कई प्रकार के अनुलाभ (Perquisites) प्रदान करती है। कर्मचारियों के स्वास्थ्य की रक्षा, स्वास्थ्य बीमा आदि के अतिरिक्त कई अनुलाभ दिये जाते हैं ताकि उनकी कार्यकुशलता बनी रहे और उनका मनोबल ऊंचा रहे –

  1. कम्पनी का वाहन (Company Automobiles)
  2. अतिरिक्त छुट्टियाँ (Extra Vacations)
  3. विशिष्ट पार्किंग सुविधा (Special Parking Privileges)
  4. निजी व्यय खाते (Personal Expense Accounts)
  5. कम्पनी के खर्चे पर परिवार भ्रमण (Spouse Travel on Company Expense)
  6. विश्राम छुट्टी (Sabbatical Leave)
  7. पेशेवर सदस्यता (Professional Membership)
  8. पेशेवर प्रकाशन (Professional Publications)
  9. ऋण/बन्धन (Loans / Mortagages)
  10. गृह नियोजन (Estate Plannings)
  11. कानूनी सेवाएँ (Legal Services)
  12. चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति (Medical Expense Reimbursement)
  13. शारीरिक तथा स्वास्थ्य जाँच (Physical and Health Checkup)
  14. शारीरिक व्यायाम सुविधाएँ (Physical Exercise Facilities)
  15. कर्मचारी भोजन भत्ता (Executive Dining Room)
  16. स्कूल कालेज/विश्वविद्यालय को दान (Donations for Schools, College and Universities)
  17. ट्यूशन कार्यक्रम (Tuition Programmes)
  18. आश्रित दिन रख-रखाव (Dependent Day Care)
  19. व्यावसायिक छूट (Merchandise Discounts)
  20. छुट्टी (त्योहार) उपहार (Holiday Gifts)
  21. सेवा पुरस्कार (Service Awards)
  22. यूनियन साख (Credit Union)
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Pankaja Singh

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