पाठ योजना

जीवमंडल पाठ योजना | जीवमंडल लेसन प्लान | biosphere lesson plan in Hindi

जीवमंडल पाठ योजना | जीवमंडल लेसन प्लान | biosphere lesson plan in Hindi

जीवमंडल पाठ योजना

विद्यालय का नाम अ – ब – स विद्यालय

दिनांक 00/00/0000

कक्षा 6

विषय भूगोल

प्रकरण जीवमंडल

अवधि 30 मिनट 

सामान्य उद्देश्य

  • छात्रों में भूगोल के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  • छात्रों को विश्व के विभिन्न देशों के भौगोलिक एवं सामाजिक पर्यावरण को समझने योग्य बनाना।
  • छात्रों में प्राथमिक स्तर पर प्राप्त ज्ञान को सुव्यवस्थित करना।
  • छात्रों में भौगोलिक नागरिकता के गुणों का विकास करना।
  • छात्रों में भारत की प्राकृतिक परिस्थितियों का ज्ञान कराना।

विशिष्ट उद्देश्य

  • छात्र-छात्राएं जीवमंडल को प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं विभिन्न जीवों की प्रजातियों का प्रत्याभिज्ञान कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं जीव मंडल की विशेषताओं की व्याख्या कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं प्राकृतिक आपदाओं का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं जंतु जगत एवं पादप जगत में अंतर कर सकेंगे।

शिक्षण सामग्री

चार्ट, चाक, डस्टर, संकेतांक एवं अन्य कक्षा उपयोगी सामग्री।

पूर्व विज्ञान

विद्यार्थी जीव-जंतु, पेड़-पौधों के विषय में सामान्य जानकारी रखते होंगे।

प्रस्तावना के प्रश्न

छात्र अध्यापिका क्रिया

विद्यार्थी अनुक्रिया

1.     नीला ग्रह किसे कहते हैं?

पृथ्वी को

2.     पृथ्वी पर सजीवों के उदाहरण दीजिए?

जीव-जंतु तथा वनस्पतियां

3.     जीव-जंतु तथा वनस्पतियां पृथ्वी के किस मंडल के अंतर्गत आते हैं?

जीवमंडल

उद्देश्य कथन

आज हम लोग जीवमंडल के विषय में अध्ययन करेंगे।

प्रस्तुतीकरण ( शिक्षण बिंदु, छात्र अध्यापिका क्रिया, विद्यार्थी अनुक्रिया)

जीवमंडल

जीवमंडल स्थल,बजल तथा हवा के बीच का एक सीमित भाग है। यह वह भाग है जहां जीवन मौजूद है। यहां जीवों की बहुत सी प्रजातियां हैं जो कि सूक्ष्म जीवों तथा बैक्टीरिया से लेकर बड़े स्तनधारियों के आकार में पाई जाती हैं। मनुष्य सहित सभी प्राणी, जीवित रहने के लिए एक-दूसरे से तथा जीवमंडल से जुड़े हुए हैं। जीवमंडल के प्राणियों को मुख्यतः दो भागो- जंतु-जगत एवं पादप-जगत में विभक्त किया जा सकता है। पृथ्वी की यह तीनों परिमंडल आपस में पारस्परिक क्रिया करते हैं तथा एक दूसरे को किसी ना किसी रूप में प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए लकड़ी तथा खेती के लिए वनों को काटा जाए तो इससे ढलुआ भाग पर मिट्टी का कटाव तेजी से होने लगता है। इसी प्रकार, प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूकंप से पृथ्वी की सतह में परिवर्तन हो जाता है। हाल ही में सुनामी के कारण अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का कुछ भाग पानी में डूब गया। जिलों तथा नदियों में दूषित पदार्थों के प्रवाहित होने के कारण उनका जल मानव के इस्तेमाल के लायक नहीं रह जाता है। यह जल दूसरों जीवो को भी नुकसान पहुंचाता है।

उद्योगों, तापीय विद्युत संयंत्रों तथा गाड़ियों का उत्सर्जित पदार्थ वायु को दूषित करता है। कार्बन डाइऑक्साइड वायु का एक महत्वपूर्ण घटक है। लेकिन कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि के कारण पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो रही है। इसे भूमंडलीय तापन कहा जाता है। इसलिए भूमंडल, वायुमंडल तथा जल मंडल के बीच के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए पृथ्वी के संसाधनों की सीमित उपयोग की आवश्यकता है।

श्यामपट्ट सारांश

  • जीवमंडल स्थल, हवा तथा जल के बीच का एक सीमित भाग है।
  • मनुष्य सहित सभी प्राणी, जीवित रहने के लिए एक दूसरे से तथा जीवमंडल से जुड़े हुए हैं।
  • जीव मंडल के प्राणियों को मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है- 1. जंतु-जगत 2. पादप-जगत।
  • कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि के कारण पृथ्वी के तापमान में होने वाली वृद्धि को भूमंडलीय तापन कहा जाता है।

निरीक्षण कार्य

छात्र अध्यापिका छात्रों सेश्यामपट्ट पर लिखी सामग्री को अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखने का निर्देश देगी और निरीक्षण करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।

मूल्यांकन के प्रश्न

  1. जीव मंडल किसे कहते हैं?
  2. जीवों की दो प्रजातियों के नाम बताइए?
  3. जीवमंडल की दो विशेषताएं बताएं?
  4. प्राकृतिक आपदा किसे कहते हैं?
  5. जंतु-जगत तथा पादप-जगत में अंतर बताएं?

गृह कार्य

जीवित प्राणी हेतु जीवमंडल क्यों महत्वपूर्ण है लिखिए?

पाठ योजनामहत्वपूर्ण लिंक

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Pankaja Singh

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