पाठ योजना

जलमंडल पाठ योजना | जलमंडल लेसन प्लान | hydrosphere lesson plan in Hindi

जलमंडल पाठ योजना | जलमंडल लेसन प्लान | hydrosphere lesson plan in Hindi

जलमंडल पाठ योजना

विद्यालय का नाम अ – ब – स विद्यालय

दिनांक 00/00/0000

कक्षा 6

विषय भूगोल

प्रकरण जलमंडल

अवधि 30 मिनट 

सामान्य उद्देश्य

  • छात्रों में भूगोल के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  • छात्रों को विश्व के विभिन्न देशों के भौगोलिक एवं सामाजिक पर्यावरण को समझने योग्य बनाना।
  • छात्रों में प्राथमिक स्तर पर प्राप्त ज्ञान को सुव्यवस्थित करना।
  • छात्रों में भौगोलिक नागरिकता के गुणों का विकास करना।
  • छात्रों में भारत की प्राकृतिक परिस्थितियों का ज्ञान कराना।

विशिष्ट उद्देश्य

  • छात्र-छात्राएं जलमंडल को प्रत्यास्मरण कर सकेंगे
  • छात्र-छात्राएं जल के अवस्थाओं का प्रत्याभिज्ञान कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं भूमिगत जल की व्याख्या कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं महासागरों की विशेषताओं का वर्णन कर सकेंगे।
  • छात्र-छात्राएं सागर तथा महासागर में अंतर कर सकेंगे।

शिक्षण सामग्री

चार्ट, चाक, डस्टर, संकेतांक एवं अन्य कक्षा उपयोगी सामग्री।

पूर्व ज्ञान

विद्यार्थी सागर, महासागर के विषय में सामान्य जानकारी रखते होंगे।

प्रस्तावना के प्रश्न

छात्र अध्यापिका क्रिया

विद्यार्थी अनुक्रिया

1.     जल किस ग्रह पर पाया जाता है?

पृथ्वी पर

2.     पृथ्वी पर जल के स्रोत बताएं?

सागर, महासागर, नदियां इत्यादि

3.     सागर, महासागर, नदियां इत्यादि को किसके अंतर्गत रखा जाता है?

जलमंडल

उद्देश्य कथन

आज हम लोग जलमंडल के विषय में अध्ययन करेंगे।

प्रस्तुतीकरण ( शिक्षण बिंदु, छात्र अध्यापिका क्रिया, विद्यार्थी अनुक्रिया)

जलमंडल

पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है पृथ्वी का 71% भाग जल तथा 29% भाग स्थल है। जलमंडल में जल के सभी रुप स्थित है। इसमें महासागर एवं नदियां, झीलें, हिमनदियां, भूमिगत जल तथा वायुमंडल की जलवाष्प सभी सम्मिलित है। पृथ्वी पर पाए जाने वाले जल का 97 प्रतिशत से अधिक भाग महासागरों में पाया जाता है एवं वह इतना अधिक खारा होता है कि मानव के उपयोग में नहीं आ सकता है। सिर्फ जल का बहुत बड़ा भाग बर्फ की परतों एवं हिम नदियों तथा भूमिगत जल के रूप में पाया जाता है। जल का बहुत कम भाग अलवण जल के रूप में पाया जाता है, जो मनुष्य के इस्तेमाल में आता है।

महासागर

महासागर जलमंडल के मुख्य भाग हैं। महासागरीय जल हमेशा गतिशील रहता है। तरंगे, ज्वार-भाटा तथा महासागरीय धाराएं महासागरीय जल की तीन मुख्य गतियां हैं। बड़े से छोटे आकार के आधार पर क्रमशः 5 महासागर प्रमुख हैं- प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, दक्षिणी महासागर, आर्कटिक महासागर।

  • प्रशांत महासागर सबसे बड़ा महासागर है। यह पृथ्वी की एक-तिहाई भाग पर फैला है। पृथ्वी का सबसे गहराभाग मेरियाना गर्त प्रशांत महासागर में ही स्थित है। प्रशांत महासागर लगभग वृत्ताकार है। एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर तथा दक्षिण अमेरिका इसके चारों ओर स्थित है।
  • अटलांटिक महासागर विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महासागर है। यह अंग्रेजी के S अक्षर के आकार का है। इसके पश्चिमी किनारे पर उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका है तथा पूर्वी किनारे पर यूरोप एवं अफ्रिका।
  • हिंद महासागर ही एक ऐसा महासागर है जिसका नाम किसी देश के नाम पर यानी भारत के नाम पर रखा गया है। यह महासागर लगभग त्रिभुजाकार है। इसके उत्तर में एशिया, पश्चिम में अफ्रीका तथा पूर्व में आस्ट्रेलिया स्थित है।
  • दक्षिणी महासागर अंटार्कटिका महाद्वीप को चारों ओर से घेरता है। यह अंटार्कटिका महाद्वीप से उत्तर की ओर 60 अंश दक्षिणी अक्षांश तक फैला हुआ है।
  • आर्कटिक महासागर उत्तर ध्रुव में स्थित है यह उत्तर ध्रुव के चारों ओर फैला है। यह प्रशांत महासागर से छिछले जल वाले एक सकरे भाग से जुड़ा है जिसे बेरिंग जल संधि के नाम से जाना जाता है। यह उत्तर अमेरिका के उत्तरी तटों तथा यूरेशिया से घिरा है।

श्यामपट्ट सारांश

  1. पृथ्वी का 71प्रतिशत भाग जल 29 प्रतिशत भाग स्थल है।
  2. जल मंडल में जल के सभी रूप स्थित है जैसे- महासागर, नदियां, झीलें, हिम नदियां, भूमिगत जल तथा जलवाष्प।
  3. पांच प्रमुख महासागर है-
  4. प्रशांत महासागर
  5. अटलांटिक महासागर
  6. हिंद महासागर
  7. दक्षिणी महासागर
  8. आर्कटिक महासागर

निरीक्षण कार्य

छात्र अध्यापिका छात्रों सेश्यामपट्ट पर लिखी सामग्री को अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखने का निर्देश देगी और निरीक्षण करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।

मूल्यांकन के प्रश्न

  1. जलमंडल किसे कहते हैं?
  2. जल की विभिन्न अवस्थाओं को बताएं?
  3. भूमिगत जल किसे कहते हैं?
  4. अटलांटिक महासागर की विशेषताएं बताएं?
  5. सागर तथा महासागर में अंतर बताएं?

गृह कार्य

प्रशांत महासागर की विशेषताएं लिखें?

पाठ योजनामहत्वपूर्ण लिंक

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Pankaja Singh

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