विपणन प्रबन्ध

इंटरनेट क्या है | बैक बोन क्या है? | What is Internet in Hindi | Back Bone in Hindi

इंटरनेट क्या है | बैक बोन क्या है? | What is Internet in Hindi | Back Bone in Hindi

Table of Contents

इंटरनेट क्या है

(What is Internet?)

TCP/IP के आने से ARPANET नेटवर्क से जुड़ने वाले नेटवर्क और यूजरों की संख्या तीव्रता से बढ़ती गई और इस कारण TCP/IP को 1 जनवरी सन् 1983 को एक अधिकृत प्रोटोकॉल (Official Protocol) मान लिया गया था। जब NSFNET और ARPANET नेटवर्क परस्पर इंटरकनेक्ट (Interconnect) हो गये तो यूजर कनेक्शनों की संख्या अत्यधिक तीव्रता से बढ़ी। अनेक क्षेत्रीय नैटवर्क जुड़ते गये और कनाडा, यूरोप तथा पेसिफक के नेटवर्क में कनेक्शन हो गया। अमेरिका में इंटरनेट का प्रसार केवल सरकारी खर्चे पर करने में अधिक सफलता नहीं मिल रही थी, इसलिए इस क्षेत्र में व्यावसायिक संस्थानों जैसे IBM और MCI कम्पनियों के लिए द्वार खोले गये। परिणामस्वरूप 45 Mbps और 3 Gbps (Giga bits per second) की डाटा संचरण गति की बैकबोन का इनफोर्मेशन सुपर हाइवे तैयार हुआ। भारत में पहले VSNL (Videsh Sanchar Nigam Limited) और बाद में BSNL (Bharat Sanchar Nigam Limited) ने इंटरनेट कनेक्शन देकर ISP (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर) के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिससे देश में इंटरनेट का क्रांतिकारी विकास हुआ। इस प्रकार सन् 1990 के दशक में कई व्यावसायिक नेटवर्कों ने अपने इंटरनेट एक्सचेंज और गेटवे स्थापित करके इंटरनेट पर व्यापार करना प्रारम्भ कर दिया था। जनवरी 1992 में इंटरनेट के प्रचार और प्रसार के लिए एक इंटरनेट सोसायटी का गठन हुआ। सन् 1953 में NSF ने इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने वाली एक संस्था Inter NIC तैयार की।

सन् 1985 के दौरान इस बढ़ते हुए नेटवर्कों के नेटवर्क का नाम इंटरनेट हो गया था। इंटरनेट से जुड़ने वाली साइटों (Sites) की संख्या शीघ्रता से बढ़ने लगी और यह संख्या सन् 1987 तक 1000 और सन् 1989 तक 100000 हो गई। सन् 1990 तक इंटरनेट में 3000 नेटवर्क और 200000 कम्प्यूटर थे। सन् 1992 में 10 लाख वां होस्ट जुड़ा था। इसके बाद 1995 तक अनेक बैकबोन (Backbones), सैकड़ों क्षेत्रीय नेटवर्क, हजारों LANs, लाखों होस्ट (Host) तथा करोड़ो यूजर इंटरनेट से जुड़ गये। यह कनेक्शनों की वृद्धि प्रतिवर्ष दुगनी होती गई। इस प्रकार यह नेटवर्क से जुड़ने का सिलसिला लगातार दूसरे देशों तक फैलता गया। एक राष्ट्र के सभी कम्प्यूटरों का नेटवर्क पूर्व में ही बना हुआ हो इस राष्ट्र के केन्द्रीय कम्प्यूटर को इंटरनेट से जोड़ा जाये तो इंटरनेट पर नये कनेक्शन की संख्या सम्पूर्ण राष्ट्र में उपस्थित यूजरों के बराबर हो जायेंगी, यहीं कारण है कि इंटरनेट का अत्यधिक तीव्रता-प्रसार हुआ है। अतः एक निश्चित प्रोटोकॉल के अनुसार संवाद करने वाले विश्व भर के नेटवकों का समुच्चय ही इंटरनेट (Internet) कहलाता

बैंक बोन (Back Bone)

इंटरनेट के क्षेत्रीय और राष्ट्रीय नोडों (Nodes) तथा नेटवर्कों को परस्पर जोड़ने वाली उच्च गति की संचार (Communication) लाइनों के समूह को बैकबोन (Backbones) कहते हैं। AT & T. Sprint तथा भारत की VSNL और BSNL कम्पनियाँ इंटरनेट बैकबोन की लाइनों की स्थापना और संचालन करती हैं। ये कम्पनियाँ अन्य कम्पनियों और होस्टस को कनेक्शन देकर बैकबोन से जोड़ देती है। इंटरनेट बैकबोन से जुड़ने वाली ये कम्पनियाँ ही ISP (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर) कहलाती हैं। ये ISP ही विभिन्न व्यावसायिक संस्थाओं और लोगों को टेलीफोन लाइन या केबल (Cable) के माध्यम से व्यक्तिगत कनेक्शन देती हैं। भारत में सत्यम, डाटा इन्फोसिस लिमिटेड, टाटा इंडीकॉम, VSNL और BSNL आदि ISP हैं।

विपणन प्रबन्ध – महत्वपूर्ण लिंक

Disclaimer: e-gyan-vigyan.com केवल शिक्षा के उद्देश्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए बनाई गयी है। हम सिर्फ Internet पर पहले से उपलब्ध Link और Material provide करते है। यदि किसी भी तरह यह कानून का उल्लंघन करता है या कोई समस्या है तो Please हमे Mail करे- vigyanegyan@gmail.com

About the author

Pankaja Singh

Leave a Comment

error: Content is protected !!